Saturday, April 11, 2020

जयपुर में 23 नए पॉजिटिव, 4 तब्लीगी, 19 पत्रिका संपादक के रिश्तेदार

SD24 News Network
23 new positives in Jaipur, 4 tabligi, 19 relative of magazine editor
नई दिल्ली : कोरोना वायरस को लेकर मीडिया की रिपोर्टिंग ने देश के लाखों मुसलमानो की जान खतरे में डाल रखी है तो दूसरी तरफ लाखो हिंदुओं को अपराधी बनाया है । मीडिया द्वारा फैलाये जा रहे मुस्लिम विरोधी खबरों के कारण देश के कई इलाकों में मुसलमानो का बायकाट किया गया है । मुसलमानो को सरेआम पीटा जा रहा है । लेकिन इनपर कोई कार्यवाही होती दिखाई नही दे रही ।


गौरतलब हो के सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट, टिप्पणी करने वालो पर तत्काल कारवाही कर जेल भेज दिया जा रहा है । ऐसे कई मामले सामने आए है और पुलिस के इस कार्य की खूब सराहना की जा रही है । तो दूसरी तरफ उसी सोशल मीडिया पर सवाल उठाया जा रहा है । लोग पूछ रहे है कि, पुलिस उस मीडिया पर तत्काल कारवाही क्यों नही कर रही जो सरेआम हिन्दू मुसलमानो में नफरत फैलाकर देश की एकता में आग लगा रहे है ? अबतक अरुणांचल प्रदेश सरकार समेत पुलिस के कई आला अधिकारियों ने कई खबरों का खंडन किया, भ्रामक और झूठ कहकर उन्हें डिलीट करने को कहा । क्या डिलीट करने मात्र से समस्या का समाधान हो जाएगा ? 


लोग उन खबरों के स्क्रीनशॉट्स लेकर वायरल कर रहे है । आम इंसान द्वारा भ्रामक पोस्ट से मीडिया द्वारा एक भ्रामक टाइटल 1000 गुना लोगों को भ्रमित करता है । इसका अंजाम पुलिस भी देख रही है बावजूद इसके किसी भी तरह की कोई कार्यवाही क्यों नही की जा रही ? आपको बता दें कि लॉक डाउन के इस दौर में सबसे ज्यादा अहम भूमिका डॉक्टर और पुलिस की है । सारे धर्म के लोग अपने अपने तरीके से डॉक्टर और पुलिस के लिए दुआ मांग रहे है । सारी जनता अपने घरों में अपने परिवार के साथ सुरक्षित है । डॉक्टर और पुलिस 24 घंटे ड्यूटी पर 15 दिनों से अपने बच्चों से भी नही मिल पा रहे है । ऐसे कठिन परिस्थिति में लोग पुलिस की मदत कर रही है । और मीडिया पुलिस का काम बढ़ाने का अपराध कर रही है । ऐसे में पुलिस को काफी तनाव का सामना करना पड़ रहा है । इस घंटाक्रम मे पुलिस अगर कुछ लोगों पर डंडे चलाती है तो इसमें बुरा क्या है ? पुलिस जिसपर डंडे चला रही है उसी की जिंदगी सुरक्षित रखने के लिए । इस बात का पतंगड बनाना मूर्खता है ।


अब बात करते है पत्रिका में छपे खबर की
पत्रिका ने एक खबर छपी जिसका टाइटल है "जयपुर में 23 कोरोना पॉजिटिव, 4 तब्लीगी" अब सवाल उठता है 19 कौन ? एलियन तो नही होंगे, जानवर भी नही होंगे, तो कौन हो सकते है ? पत्रिका का संपादक इन 19 लोगों के जाती/धर्म/संगठन को क्यों छिपा रहा है ? लोगो ने सोशल मीडिया पर तर्क लगाया के पत्रिका का संपादक और उसके परिवार वाले 19 लोग है इसीलिए उसने उनकी पहचान छिपाई है । ज्ञात रहे इन अखबारों को मुस्लिम विरोधी जहर उगलने के लिए पैसा मिलता है । और इनको अंदाजा भी नही के यह मीडिया वाले देश को तोड़ने का काम कर रहे है । ऐसे अखबारों के मालिकों और संपादकों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा करना चाहिए ऐसी मांग बुद्धिजीवी देशप्रेमी लोगों द्वारा की जा रही है ।

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